चिराग पासवान बने LJP के नये अध्यक्ष, पिता रामविलास पासवान ने की ताजपोशी

लोक जनशक्ति पार्टी यानि एलजेपी जोकि दलित सेना की प्रमूख पार्टी है, पार्टा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हैं रामविलास पासवान, जोकि बहुत ही प्रख्यात नेता हैं, खबर है कि उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे चिराग पासवान के हाथों में सौंप दी है. आपको बता दें, दिल्ली में हुई, मंगलवार को एलजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में एलजेपी दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के बाकी नेताओं ने माना और उसको पूर्ण समर्थन से पारित कर दिया गया है.

एलजेपी की राष्ट्रीय कार्यमिति की ये बैठक रामविलास पासवान के आवास पर आज यानी मंगलावर को हुई. इस बैठक में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे, राष्ट्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारी के साथ सभी प्रदेशों के अध्यक्ष भाग लिया. इस बैठक का मतलब असल में, मुख्यरूप से पार्टी की कमान युवा हाथों में चिराग पासवान को दिए जाने का मकसद है ।

चिराग पासवान को एलजेपी के अध्यक्ष बनाने जाने के बाद पार्टी पूरी तरह से युवा हाथों मे है पार्टी की कमान युवा के हाथ में है, युवा पीडी के हाथ में कमान सौंपना उचित है, बिहार प्रदेश की कमान पहले ही नवनिर्वाचित सांसद व पूर्व सांसद स्व. रामचन्द्र पासवान के बेटे प्रिंस राज को सौंपी जा चुकी है. ऐसे में चिराग और प्रिंस की जोड़ी क्या सियासी गुल खिलाती है ये तो वक्त ही बताएगा.

एक समय में बॉलीवुड से जुड़े कलाकार रहे पुत्र पासवान लौटकर अपने पिता राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी का काम देखने लगे, पार्टी के कामों में हाथ बटाने लगे, 2014 का चुनाव सिर पर था. राम विलास पासवान फैसला नहीं कर पा रहे थे कि वह यूपीए के साथ जाएं या एनडीए के साथ. कहते हैं कि चिराग पासवान ने एनडीए का हिस्सा बनने की सलाह दी. एनडीए से गठबंधन के बाद लोजपा बिहार की 7 सीटों पर लड़ी. खुद चिराग जमुई लोकसभा सीट से लड़े. लोजपा 6 सीटों पर जीतने में कामयाब रही. इसमें जमुई की भी सीट थी, जहां से चुनाव मैदान में चिराग थे.

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