जेएनयू में बवाल, छात्रों ने की सारी हदें पार

जेएनयू में बीते कुछ दिनों से छात्रों ने बवाल मचाया हुआ है, दरअसल सारा मसला, फीस वृद्धि और सरकार द्वारा लगाए गए कुछ नियमों का है, केंद्र में बीजेपी की सरकार ने, अभी कुछ दिनों पहले केंद्र अधिक्रत जेएनयू महाविश्व विद्यालय में सरकार ने फीस हाईक, ड्रेस कोड, और देर रात बाहर जाने पर रोक लगाने जैसे कईं बड़े फैसले लिए, जिससे परेशान जेएनयू के कुछ टुकड़े टुकड़े गैंग कहे जाने वाले छात्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया ।

क्या है छात्रों की मांग
दरअसल छात्र चहाते हैं कि सरकार उनकी फीस में वृद्धि ना करे, जिसके पीछे उनका मत है, कि जेएनयू में 40 फीसदी छात्र बिलो पॉवर्टि लीग से नीचे आते हैं, जो कि जेएनयू का अपना आकड़ा है, जिसके चलते छात्रों ने सराकर के खिलाफ जमकर विरोध करा, सरकार विरोधी नारे लगाए, जिसमें स्वामी विवेकआनंद कि मूर्ती के निचे भगवा जलेगा बीजेपी सरकार के लिए गलत शब्दों का प्रयोग किया गया । इतना ही नहीं परसों यानि कि मंगलवार को जेएनयू के छात्रों ने संसद मार्च किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया ।

स्वामी विवेकआनंद जी कि मूर्ती पर पथराव
अपने विरोध में, जेएनयू के इस देश विरोधी मानसिकता वाले गैंग ने, केमपस में बन रही विवेकआनंद जी की मूर्ती पर पथराव कर उसे तोड़ने की कोशिश को अंजाम दिया, इतना ही नहीं हदे तो तब पार हो गई, जब मूर्ती के नीचे भगवा जलेगा, लाल निशान जैसे अभद्र नारे लिखे गए, आपको बता दें कि प्रशासन और छात्रों का मत है, कि ये शर्मनाक कार्य केंमपस के छात्रों ने नहीं किया है , बैरहाल पुलिस इसकी जांच में जुटी है ।

संसद मार्च, पीएम मोदी से मिलने की इच्छा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों का फीस बढ़ोतरी, छात्रावास शुल्क वृद्धि और उच्च शिक्षा को प्रभावित करने वाले अन्य मुद्दों के विरोध में सोमवार को संसद तक निकाले जाने वाला मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस ने संसद के आसपास इलाकों में धारा 144 लागू कर दी थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली पुलिस की सलाह के अनुसार, उद्योग भवन और पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के लिए निकास/प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिये। जेएनयू के छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रोटेस्ट के मद्देनजर ये सलाह दी गई थी। छात्रों का मार्च सफदरजंग मकबरा पहुंचा। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को रोका था और लाठी चार्ज भी हुआ। जिसमें 25 से 30 छात्रों को हिरासत में लिया गया है।

सरकार का मत क्या है ।
बैरहाल सरकार ने पूरे मामले पर चुप्पी साधी है, सरकार का कहना है, किसी भी विद्यालय को चलाने के लिए, पैसे लगते हैं, धन राशि लगती है, और जब बाकि के सरकारी कॉलेज फीस दे रहें हैं, तो जेएनयू के छात्रों को इससे क्यों परहेज है । सरकार ने ये भी कहा कि, पूरे देश में, सबसे सरकार द्वारा सबसे ज्यादा सबसीडी पाने वाला जेएनयू एक मात्र कॉलेज है ।

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