दिल्ली में सांस लेना भारी है, केजरीवाल कहते हैं एक बार फिर ऑड ईवेन की तैयारी है

दिल्ली एक गैस चेंबर में बदल चुकी है, हर तरफ सिर्फ स्मोग ही स्मोग है, बढ़ते प्रदूषण को देख, केजरीवाल सरकार ने, दिल्ली में ऑड ईवेन 3.0, 4 नवंबर से 15 नवंबर, तक लागू करा था, जिसके चलते सरकार ने दावे करे कि, हर दिन कम से कम, 200-250 चलान काटे गए, और लगभग, 15 लाख से अधिक गाड़ियां दिल्ली की सड़कों पर कम दिखाई पड़ी, केजरीवाल सरकार ने ये भी कहा, कि दिल्ली की हवा में, प्रदूषण की मात्रा कम हुई है, लेकिन ये तो दिल्ली की हवा ही बता रही है, कि कितना कम हुआ है प्रदूषण और कितनी कम हुई है एक्यूआई दिल्ली की हवा में ।

दिल्ली सरकार की मुसीबत
दिल्ली में केजरीवाल सरकार को, सबसे ज्यादा खतरा इस बात से है, कि दिल्ली की ज्यादातर जनता सरकार के इस फैसले से खुश नहीं है, लेकिन परेशान केजरीवाल को तो, पराली को कोसने के अलावा, कुछ और सूजता नहीं है, यहां आपको बता दें कि, दिल्ली सरकरा ने पंजाब और हरियाणा सरकार से पराली को सीएनजी में बदलने की मांग करी थी, लेकिन इसका कोई, जवाब सामने नहीं आया, तो मजबूरन अब केजरीवाल के पास पराली को कोसने के अलावा कुछ और बचता नहीं है ।

एक बार फिर ऑड ईवेन
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए, एक बार फिर ले सकती है केजरीवाल सरकार, ऑड ईवेन का फैसला, लेकिन यहां आपको बता दें कि, दिल्ली की जनता खुले दिल से इस फैसले का विरोध करती आ रही है, लेकिन, सरकार के पास कोई, और विकल्प नहीं है, इस फैसले के अलावा, लोगों का कहना है, कि ऑड ईवेन सिर्फ लोगों को भ्रमित करने का सरकार का एक तरीका है, जिससे वो, लोगों को पागल बना रहे हैं ।

परेशान है दिल्ली की जनता
दिल्ली की जनता, ये वो जनता है, जो वोट डाल कर अपना प्रतिनिधि चुनती है, वो प्रतिनिधि जो, दिल्ली में विकास कार्य को आगे बढाऐ, और दिल्ली की जनता को सहुलियत दे, लेकिन यहां, दिल्ली की जनता, परेशान है, स्मोग से, इस काले धुऐं से, आपको बता दें, दिल्ली में सांस लेना तक भारी हो रहा है, एक्यूआई, दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, और सरकार के पास प्रैस कॉंफ्रेंस कर ऑड ईवेन के जुमले गाने के आलावा कोई विक्लप नहीं है ।

sc ने सरकार से एक्यूआई का मांगा ब्योरा
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बिते गुरुवार को केजरीवाल सरकार से एक्यूआई का ब्योरा मांगा है, sc ने लिख कर कहा कि, वो दिल्ली और आस पास के इलाखों में बढतें प्रदूषण को देख कर काफी चिंता में है, लेकिन सरकार को इस बारे में, कोई खासा परेशानी होती नहीं दिख रही है, ना ही, sc का डर ना ही, दिल्ली में लोगों की परेशानी कि कोई फिकर ।

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