देश में लागू होगी एनआरसी- अमित शाह, बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होने दूंगी- ममता बनर्जी

शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन, एनआरसी पर जमकर बहस हुई, सवाल जनाब हुए, अमित शाह ने सभी सवालों के जवाब दिए, राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए एनआरसी से जुड़े सवालों के गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिए, अमित शाह बोले एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाएगा।
अमित शाह के इस बयान पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए, कहा कि वो बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे, उन्होंने अपने लोगों से कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है, और बंगाल के लोगों को किसी की बातों में आने की जरूरत नहीं है . ममता ने कहा कि कोई भी बंगाल में रहने वाले किसी भी शख्स की नागरिकता नहीं छीन सकता है. हम हिंदू और मुस्लिमों के आधार पर नहीं बांटते हैं.

इससे पहले अमित शाह ने एनआरसी पर राज्यसभा में बयान दिया था, जिसमें अमित शाह ने असम में एनआरसी की प्रक्रिया हाथ में लिए जाने की बात कही थी. और कहा था कि एनआरसी की प्रक्रिया जब पूरे देश में होगी तो असम में एनआरसी की प्रक्रिया फिर से की जाएगी इससे किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है.

सैयद नासिर हुसैन जो राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े हुए हैं उनके एक सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने ये साफ किया कि लोगों को एनआरसी और सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर कंफ्यूजन है. किसी को भी इससे डरने की जरूरत नहीं है, सभी धर्मों के लोगों को इसमें लिया जाएगा और जो भारत के नागरिक हैं. इसमें धर्म के आधार पर भेदभाव करने का कोई प्रश्न ही नहीं है. एनआरसी एक अलग प्रकिया है और सिटीजनशिप अमेडमेंट बिल एक अलग प्रक्रिया है.

अमित शाह ने एनआरसी और सिटीजनशिप अमेडमेंट बिल को दो अलग-अलग चीजें करार दिया हैं. लेकिन सरकार इस बात को मानती है जो शरणार्थी आए हैं, बौद्ध, जैन, सिख, क्रिश्चियन और पारसी शरणार्थी हैं सारे धर्म के जो शरणार्थी बाहर से आए हैं उन्हें नागरिकता मिलनी चाहिए. इसीलिए सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल लाकर हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन ये सारे धर्म के शरणार्थी जो धार्मिक प्रताड़ना के कारण बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हैं उनको उस बिल के अंतर्गत नागरिकता दी जाएगी. सिटीजनशिप अमेडमेंट बिल वापस लाया जाएगा. इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है.

एनआरसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिनका नाम एनआरसी सूची में नहीं है वे ट्रिब्यूनल के पास जा सकते हैं. ट्रिब्यूनल तहसील स्तर पर बनाए जाएंगे. जिनके पास याचिका डालने के लिए पैसा नहीं है उन्हें असम सरकार आर्थिक मदद देगी.

 

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