30 साल IPS किरण बेदी ने करवाया था लाठीचार्ज, दिल्ली को किरण बेदी चाहिए ।

दिल्ली में चल रहे पुलिस और वकीलों के वॉर में परेशान है आज आम जनता, आपको याद होगा । तीस हजारी कोर्ट के बाहर बीते शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प का मामले सामने आया था, जोकि अब थमने का नाम नहीं ले रहा है, इस मुद्दे ने इस मामले को तूल दे दिया है, दिल्ली में हर तरफ डर का माहौल है, कोई भी किसी की सुनने को राजी नहीं है, पुलिस ने तो आज वकीलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, और वहीं दूसरी तरफ वकीलों ने, पुलिस वालों पर आरोप प्रत्यारोप लगाने चालू कर दिए हैं, लेकिन अगर वक्त की चादर को अगर पलटा जाए तो याद आता है, 30 साल पहले की आईपीएस किरण बेदी से जुड़ी घटना का ।

दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे पुलिस वालों ने, किरण बेदी को लेकर नारे लगाए, पुलिस वालों ने कहा किरण बेदी जैसी लीडर की दिल्ली को दरकार है, इस बात से 30 साल पहले की एक घटना की यादें ताजा हो गईं। तब किरण बेदी डीसीपी थीं, दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच जमकर बवाल मचा था। तमाम अदालतों को बंद करा दिया गया था।

मामला 17 फरवरी 1988 का है। इस दिन डीसीपी किरण बेदी के दफ्तर में वकील पहुंचे हुए थे। जिनकी किसी बात को लेकर, किरम बेदी से बहस हो गई जो झड़प में बदल गई, इस दौरान बेकाबू भीड़ के कारण हालात ऐसे हो गए कि किरण बेदी को लाठीचार्ज कराना पड़ा। इस असर यह हुआ कि वकीलों ने दिल्ली की सभी अदालतों को बंद करा दिया। हालांकि इसके बाद भी एक न्यायाधीश ऐसे थे, जिन्होंने अपनी अदालत को खोले रखा और फैसले सुनाए।

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस.एन. ढींगरा बताते हैं कि उस दिन डीसीपी दफ्तर में वकीलों की वजह से हालात बेकाबू हो गए थे, ऐसे में नौबत लाठीचार्ज तक आ पहुंची थी। उन्होंने कहा कि जब तक हालात बेकाबू न हो कोई पुलिस अधिकारी लाठीचार्ज नहीं कराता। आखिर वह बैठे—बिठाए मुसीबत क्यों मोल लेना चाहेगा।

जज ढींगरा ने बताया कि उस वक्त वह वैवाहिक न्यायालय में बैठते थे। बवाल मचने के बाद मेरी अदालत को खुला देख विरोध कर रहे वकील आए और अदालत बंद करने को कहा। हड़ताली वकीलों को मैंने दो टूक बता-समझा दिया कि हड़ताल वकीलों की है अदालतों की नहीं। बस इसके बाद फिर कोई हड़ताली वकील मेरी अदालत बंद कराने नहीं आया। हालांकि इसके बाद भी बवाल थमा नहीं था, तब दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया।

तो ये थी किरण बेदी के फैसले लेने की क्षमता, उनकी टीम के लिए उनकी एकता, यही कारण है, दिल्ली में पुलिस वाले नारे लगा रहे हैं कि, उन्हें किरण बेदी जैसी लीडर चाहिए ।

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